Top
Home > Magazine > किस्सा एक कुलपति का

किस्सा एक कुलपति का

किस्सा एक कुलपति का
X

अनैतिक ¦ सुशील मानवइलाहाबाद यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. रतन लाल हंगलू पर काफी समय से यौनाचार का आरोप लग रहा है. कहा जा रहा है कि वे अपने पद और प्रभाव का बेजा इस्तेमाल करते हैं. इधर, इस संबंध में एक चैट और आडियो खूब वायरल हो रहा है, जिससे स्वयं कुलपति और विश्वविद्यालय की साख पर बट्टा लग रहा है. खास बात यह कि ‘बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ’ का नारा देने वालों के शासनकाल में उन्ही बेटियों को लालच देकर उनका यौन उत्पीड़न करनेवालों पर जांच की आंच तक नहीं आती.


किसी युग में प्रेम के रसायन से परिपूर्ण महर्षियों का अप्सराओं पर मोहित हो जाना भौतिक क्रिया होती थी, जो समयांतराल में जैविक क्रिया में तब्दील हो जाती थी. वह परंपरा आज कलयुग में भी जारी है. रसायन का तो पता नहीं, भौतिक और दैहिक चेष्टाएं वैसी ही हैं. तब के महर्षि आज गुरु में परिणत हो चुके हैं. महर्षियों के कर्मयोग व धर्मयोग को इन्होंने ‘भोग’ में बदल लिया है. दुनिया को खासकर स्त्रियों को ये इसी नजर से देखते हैं. नहीं तो क्या कारण है कि जीवन भर भगवान का भजन गाने वाले वृद्ध अनूप जलोटा अपनी ही युवा शिष्या पर रीझ गए, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू बुढ़ौती में इलू-इलू गाते फिर रहे हैं. जलोटा साहब को तो फिलहाल उनकी ‘नई लगन’ में छोड़ देते हैं... हांगलू साहब का किस्सा, जो सरेआम हो गया है, को बांचते हैं.किस्सा यह है कि कुलपति प्रो. रतन लाल हंगलू पर अपने पद और पावर का दुरुपयोग करते हुए भय और लालच देकर महिलाओं और कई लड़कियों के यौन शोषण का आरोप लगा है, जो कि पहले भी कई बार आरोप लग चुके हैं. ताजा मामला प्रो. हंगलू द्वारा एक कथित महिला साहित्यकार को वाट्सएप पर अश्लील संदेश भेजने और उस पर अपने पद का प्रभाव व नौकरी का लालच देकर यौन संबंध के लिए दबाव बनाने का है.सोशल मीडिया पर चैट वायरलबता दें कि कुलपति रतन लाल हंगलू और महिला साहित्यकार के बीच वाट्सएप चैट का स्क्र ीनशॉट इन दिनों तमाम सोशल साइटों पर वायरल है. ये चैट इस हद तक निजी और अश्लील हैं कि उनको किसी भी प्लेटफार्म पर दे पाना मुनासिब नहीं है. लेकिन हां, वाट्सएप चैट को पढ़ने के बाद उस पूरे के पूरे पैटर्न का खुलासा होता कि कैसे कुलपति जैसे उच्च पद पर बैठा एक व्यक्ति अपने पावर और पहुंच के बल पर तमाम लड़कियों को या तो डराकर या फिर नौकरी और दूसरे प्रलोभन देकर उनका यौन उत्पीड़न करता है. महिला साहित्यकार की ओर से कुलपति के अश्लील वाट्सएप चैट वायरल होने के बाद से वीसी द्वारा लगातार उसको चुप कराने के लिए जान से मारने की धमकी तक दी जा रही है. ऐसा पीड़ित महिला का आरोप है. पीड़िता पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष व सपा नेत्री ऋचा सिंह को पत्र लिखकर उनसे अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है. इस आरोप के बाबत जब हमने इलाहाबाद विवि के आरोपित कुलपति प्रो. हंगलू से संपर्क करना चाहा तो उनका मोबाइल नंबर लगातार स्विच आॅफ जाता रहा. उनके एक दूसरे नंबर पर भी उनसे संपर्क नहीं हो सका.जॉब का लालच दे बनाए यौन संबंधदरअसल, इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की लड़कियां पहले भी वीसी प्रो. हंगलू और रजिस्ट्रार एनके शुक्ला पर लगे यौनाचार के मामलों को लेकर उनके खिलाफ आंदोलनरत रही हैं. एबीवीपी द्वारा कैंपस में उप्र के सीएम योगी आदित्यनाथ का कार्यक्र म कराने के विरोध में 19 नवंबर 2016 की रात जब तत्कालीन छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह अन्य लड़कियों के साथ रात 12 बजे धरने पर यूनिवर्सिटी गेट पर बैठी हुई थीं, तब प्रो. शुक्ला और एबीवीपी के लड़के नशे में धुत वहां पहुंचते हैं और गुंडों के साथ मिलकर उन्हें न सिर्फ अभद्र, अश्लील गालियां देते हैं बल्कि मार पीट भी करते हैं. इसकी रिपोर्ट यूनिवर्सिटी से संबंधित कर्नलगंज थाने में दर्ज है. उस समय विश्वविद्यालय की महिला सलाहकार बोर्ड की चेयरपर्सन द्वारा विवि को चिट्ठी लिखकर सूचित करते हुए स्वीकार किया गया था कि लड़कियों के साथ देर रात एबीवीपी के गुंडों और प्रो एनके शुक्ला द्वारा बदतमीजी की गई है, लेकिन विश्वविद्यालय ने उस चिट्ठी को दबा दिया और उस पर कोई जांच नहीं कराई गई.सुभाषिनी डे ने कल्याणी से महिला सलाहकार बोर्ड की चेयरपर्सन को पत्र लिखकर उन्हें अपनी चिंता से अवगत कराया था. उन्होंने पत्र में लिखा है कि- ‘मैं कल्याणी विश्वविद्यालय में पढ़नेवाली एक छात्रा की मां हूं. मैं बहुत चिंतित होकर आपको पत्र लिख रही हूं. आपके वीसी प्रो. रतन लाल हंगलू ने जॉब और दूसरे फायदे पहुंचाने का लालच देकर कल्याणी यूनिवर्सिटी की कई लड़कियों के साथ यौन संबंध बनाया है. वो समाज के लिए बहुत बड़ा खतरा हैं. कृपया अपनी यूनिवर्सिटी की लड़कियों की सुरक्षा कीजिए. आप उनके चरित्र के बाबत हैदराबाद यूनिवर्सिटी में भी जांच-पड़ताल कर सकती हैं. प्रो. रतन लाल हंगलू अपने आफिस में केवल उन्हीं पुरु षों को नौकरी देते हैं, जो उनके पास सेक्स के लिए लड़कियों की सप्लाई करता है. कृपया एहतियात के तौर पर उन पर कड़ी नजर रखें.’ऋचा ने की इस्तीफा देने की मांगइलाहाबाद यूनिवर्सिटी की पूर्व और प्रथम महिला छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह ने आरोपित कुलपति रतन लाल हंगलू पर लगे यौनाचार के आरोप के संबंध में पत्र लिखकर उन्हें यह बताते हुए कि- ‘आपके कारनामे शहर के लगभग सभी अखबारों में छप चुके हैं और उस कथित महिला ने भी इसकी पुष्टि की है’ नैतिक आधार पर कुलपति से इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के वीसी पद से इस्तीफा देने की मांग कर डाली. ऋचा सिंह ने पत्र में उन्हें यह भी याद दिलाते हुए लिखा है कि- ‘जब भी किसी छात्र-कर्मचारी-शिक्षक-विभागाध्यक्ष पर कोई आरोप लगा है, आपने उन्हें जांचपूर्व ही पद से हटा दिया है... तो महोदय आज जब आप पर अपने पद का लाभ उठाते हुए एक कथित महिला को लाभ देने का आश्वासन संबंधी खबरें लगातार शहर के सभी प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित हो रही हैं और उक्त महिला ने भी जिसकी पुष्टि कर दी है... ऐसे में कुलपति पद पर बने रहने का आपको नैतिक अधिकार नहीं रह जाता. जैसी कि आपकी कार्यप्रणाली रही है, उसी के अनुरूप आपसे अपेक्षा है कि आप उक्त आरोपों की जांच होने तक नैतिक आधार पर इस्तीफा देते हुए कैंपस के अंदर प्रवेश न करें ताकि कुलपति पद की गरिमा बनी रहे.’आवाजों को दबाने की कोशिशअपने कच्चे-चिट्ठे का भंडाफोड़ हो जाने के बाद से लगातार कुलपति रतन लाल हंगलू पीड़िता और पीड़िता के साथ खड़े लोगों के खिलाफ हमले करवा रहे हैं. पीआरओ चितरंजन कुमार सिंह ने छात्रसंघ का अध्यक्ष रहने के दौरान ऋचा सिंह पर गबन करने का आरोप लगाया है. वहीं सपा के निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष अवनीश यादव के खिलाफ दूसरों से अपनी कांपियां लिखवाने का आरोप पीआरओ इलाहाबादविश्वविद्यालय के द्वारा लगाया गया है. अवनीश यादव और ऋचा सिंह पर यदि ऐसा कोई आरोप था तो यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट द्वारा पहले क्यों कोई कार्रवाई नहीं की गई. जाहिर है ये सब कुलपति पर लगे गंभीर आरोपों के बाद बदले की भावना से की जा रही कार्रवाइयां हैं, ताकि सब को अलग-थलग करके पीड़िता को अकेला और कमजोर किया जा सके.आरोप पर ही उठाए गए सवालबीते 14 सितंबर को इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रॉक्टोरियल बोर्ड की मीटिंग हुई. मीटिंग में ऋचा सिंह की ओर से कैंपस की लड़कियों की सुरक्षा को लेकर दिए गए बयान को गैरजिम्मेदाराना कहा गया है और इस पर क्षोभ व्यक्त किया गया. मीटिंग में बताया गया कि एक राष्ट्रीय स्तर की संस्था के बारे में ऋचा सिंह द्वारा किया जा रहा दुष्प्रचार निंदनीय है.बहरहाल, विडंबना है कि ‘बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ’ का नारा देने वालों के शासनकाल में उन्ही बेटियों को लालच देकर उनका यौन उत्पीड़न करनेवालों पर जांच की आंच तक नहीं आती. आखिर यौन उत्पीड़न के कई बेहद गंभीर और संवेदनशील आरोपों के बावजूद रतन लाल हंगलू का कुलपति के पद पर बने रहने का नैतिक आधार क्या है?

Updated : 11 Oct 2018 2:15 PM GMT
Tags:    
Next Story
Share it
Top