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मतदान बहिष्कार का जिम्मेदार कौन?

मतदान बहिष्कार का जिम्मेदार कौन?
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भूतही बलान क्षेत्र की तमाम जनता 2019 आम चुनाव का पूर्ण रूप से बहिष्कार करेगी. इस क्षेत्र के अंदर किसी भी राजनीतिक पार्टी को प्रचार-प्रसार और किसी भी तरह की चुनावी सभाएं नहीं करने दिया जाएगा.रिपोर्ट ¦ संतोष कुमारबिहार के मधुबनी जिला अंतर्गत भूतही बलान क्षेत्र के 56 गांव की जनता ने 2019 के आम चुनाव में मतदान बहिष्कार करने का निर्णय लिया है. यह आंदोलन दिन-प्रतिदिन जिले के अन्य क्षेत्र में तूल पकड़ता जा रहा है. अगर यह आंदोलन आगे चलकर और भयावह रूप ले लेता है तो केंद्र सरकार, बिहार सरकार एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि और सरकारी प्रतिनिधियों के ऊपर सवाल खड़ा होना लाजमी हैं. कहना न होगा, केंद्र सरकार का ‘सबका साथ-सबका विकास’ तो दूसरी तरफ बिहार सरकार का दावा ‘जंगल राज खत्म’ जैसे दावे क्षेत्रीय लोगों के लिए झूठे साबित हो रहे हैं.नेता बहुत हुए, काम किसी ने नहीं कियाभूतही बलान के 56 गांव पूरी तरह से बाढ़ से प्रभावित हैं. बरसात के समय भूतही बलान नदी में बाढ़ आती है और क्षेत्र में भयंकर तबाही मचाती है. इस नदी में पानी की रफ्तार इतनी तेज होती है कि इसके सामने अगर पत्थर की इमारत भी आ जाए तो मिनटों में नष्ट कर सकती है. बाढ़ के समय लोगों के घर में कई दिनों तक चूल्हा नहीं जलता. उन्हें घर छोड़कर किसी ऊंचे स्थान पर जाने को मजबूर होना पड़ता है. अगर इस नदी के दोनों तरफ ऊंचा बांध बना दिया जाए तो राहत मिल सकती है. क्षेत्रीय लोगों की भी मुख्य मांग यही है. इसके अलावा क्षेत्र के अंदर आजादी के बाद समुचित विकास नहीं हो पाया. सरकार की कई योजनाएं ऐसी हैं, जो वर्षों से अधर में पड़ी हुई हैं. कई योजनाएं तो मन के मुताबिक बंद कर दी गर्इं. कई योजनाएं ऐसी भी हैं, जिनकी जनता को बहुत ही आवश्यकता है. इसके संदर्भ में सरकार, अधिकारी और जनप्रतिनिधियों को कई बार पत्र लिखा जा चुका है लेकिन कोई इस ओर ध्यान ही नहीं देता. इसलिए जनता मत बहिष्कार कर रही है. जनता का कहना है कि जब हमारे मत का कोई महत्व ही नहीं है तो फिर मत डाल कर क्या करेंगे? हम लोगों के मत से इस क्षेत्र से मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, राज्यपाल तक बने हैं, लेकिन क्षेत्र की समस्याओं की तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया.सबने सेंकी राजनीतिक रोटियांपूर्व में कई बड़े नेताओं के अलावा वर्तमान में शरद यादव और पप्पू यादव का खासा लगाव है इस क्षेत्र से, क्योंकि इन दोनों के लोकसभा क्षेत्र मधेपुरा के अंतर्गत कई गांव भी इस क्षेत्र में आते हैं. वर्तमान जनप्रतिनिधि, जो इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, वह हैं सांसद के रूप में (1) वीरेंद्र कुमार चौधरी, झंझारपुर लोकसभा, भाजपा (2) रंजीत रंजन, सुपौल लोकसभा, कांग्रेस. विधायक के रूप में (3) गुलाब यादव, झंझारपुर विधानसभा, राजद (4) गुलजार देवी, फुलपरास विधानसभा, जदयू (5) लक्ष्मेश्वर राय, लौकहा विधानसभा, जदयू (6) अनिरु द्ध यादव, निर्मली विधानसभा, जदयू.इस क्षेत्र के दो पूर्व जनप्रतिनिधि मंगनी लाल मंडल और सुरेंद्र प्रसाद यादव, जो झंझारपुर लोकसभा से प्रतिनिधित्व पूर्व में कर चुके हैं, इनका खुद का घर अभी भी नदी के बगल में है... उन्हें क्षेत्र की जनता ने यह समझकर लोकसभा में भेजा था कि इनसे बेहतर कोई दूसरा व्यक्ति क्षेत्र की समस्याओं से वाकिफ नहीं हो सकता, क्योंकि ये यहां की समस्याओं से अच्छी तरह वाकिफ हैं. खुद भी बाढ़ से प्रभावित हैं. इन सभी दिग्गज नेताओं को क्षेत्र की जनता तमाम समस्याओं का समाधान नहीं करवाने का जिम्मेदार ठहरा रही है. क्षेत्र की जनता का कहना है कि अगर यह सब चाहते तो आज इस क्षेत्र की हालत बहुत बेहतर होती, लेकिन सभी ने अपनी-अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने का काम किया और हमारे ही मत पाकर अपने परिवार व रिश्तेदार का कल्याण किया. खुद तो देश में प्रसिद्ध हो गए पर क्षेत्र को गर्त में डाल दिया. इसलिए भूतही बलान क्षेत्र की तमाम जनता 2019 आम चुनाव का पूर्ण रूप से बहिष्कार करेगी. इस क्षेत्र के अंदर किसी भी राजनीतिक पार्टी को प्रचार-प्रसार और किसी भी तरह की चुनावी सभाएं नहीं करने दिया जाएगा.विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत के किसी कोने में मत बहिष्कार होता है तो इसके पीछे बड़ा कारण होता है. साथ ही एक सवाल खड़ा होता है कि इसका जिम्मेदार कौन है? मत बहिष्कार कर रही जनता इसका जिम्मेदार सीधा-सीधा सरकार, जनप्रतिनिधि और सरकार के नुमाइंदों को ठहराती है, जो सही भी है.

Updated : 17 Nov 2018 7:53 AM GMT
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