चार से 12 जनवरी तक चलेगा विश्व पुस्तक मेला

चार से 12 जनवरी तक चलेगा विश्व पुस्तक मेला

रिपोर्ट ¦ सरोज कुमार 

मानव संसाधन मंत्री प्रगति मैदान में कल करेंगे विश्व पुस्तक मेला-2020 का उद्घाटन

नई दिल्ली। विश्व पुस्तक मेले के 28वें संस्करण का आयोजन ‘राष्ट्रीय पुस्तक न्यास’ भारत द्वारा आईटीपीओ के सहयोग से 04 से 12 जनवरी, 2020 तक प्रगति मैदान, नई दिल्ली में किया जा रहा है। इस भव्य एवं विशाल मेले का उद्घाटन मानव संसाधन विकास मंत्री, डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के कर कमलों से 04 जनवरी को प्रातः 09:00 बजे, हाल न०-7 के सामने हैंगर, प्रगति मैदान में होगा।

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इस अवसर पर प्रख्यात गांधीवादी विद्वान गिरीश्वर मिश्र प्रमुख अतिथि होंगे। वहीं, इस अवसर पर आईटीपीओ के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक एल. सी. गोयल, आई.ए. एस. व राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष, प्रो. गोविंद प्रसाद शर्मा व निदेशक, नीरा जैन की भी गरिमामयी उपस्थिति होगी। इस वर्ष विश्व पुस्तक मेला- 2020 का थीम है- ‘गांधी: लेखकों के लेखक’। क्योंकि कि इस साल पूरा विश्व महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहा है। भारत सरकार इस अवसर को एक महत्वपूर्ण पायदान के रूप में सामने लाने का निर्णय भी किया है ताकि आम लोगों तक गांधी के आदर्शों को आसानी से पहुंचाया जा सके। जबकि यह सर्वमान्य सत्य है कि महात्मा गांधी एक सफल लेखक, संपादक और कुशल प्रकाशक भी थे। ऐसे में उनकी 150वीं जयंती पर इस पुस्तक मेले का थीम का रखा जाना अपने आप में नई प्रासंगिकता को रेखांकित करता है। जबकि मेले के दौरान विभिन्न साहित्यिक कार्यक्रम, लेखक और विद्वानों, के साथ संवाद, परिचर्चा, बाल- गतिविधियां, पुस्तक विमोचन, मेले की थीम पर फ़िल्म का प्रदर्शन व विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन प्रायोजित है।

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इस मेले में विशेष रूप से तैयार किये गए मंडप में गांधी द्वारा और गांधी पर विभिन्न भारतीय भाषाओं में लिखी गई 500 पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। मेले की अन्य खासियतों में ब्रेल पुस्तकों की उपलब्धता, बाल मंडप का आकर्षण, विदेशी प्रदर्शकों में 20 से अधिक देशों की सहभागिता, बी-2-बी गतिविधियों की सुलभता, लेखक मंच और आर्थर कार्नर की पहुच को आसान करना और विशेष फ़ोटो प्रदर्शनी का आयोजन शामिल है। ‘पढ़े भारत-बढ़े भारत’ जो भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, को बढ़ावा देने के लिए एनबीटी के योगदान पर एक विशेष फ़ोटो प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इस वर्ष मेले में देशभर से आये 600 से अधिक प्रकाशक लगभग 1300 स्टालों पर विभिन्न भाषाओं यथा- बांग्ला, अंग्रेजी, गुजराती, हिंदी, मैथिली, मलयालम, पंजाबी, संस्कृत, सिंधी, तमिल, तेलुगु तथा उर्दू की पुस्तकें प्रदर्शित करेंगे।

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