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    नोएल का उदय: टाटा-मिस्त्री परिवारों में सुलह की संभावना
    समाज

    नोएल का उदय: टाटा-मिस्त्री परिवारों में सुलह की संभावना

    Vivek ShuklaBy Vivek ShuklaOctober 15, 2024Updated:October 15, 2024No Comments5 Mins Read
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    विवेक शुक्ला

    रतन टाटा के सौतेले भाई नोएल टाटा को पिछले शुक्रवार को शक्तिशाली टाटा ट्रस्ट्स का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जिसके बाद मेहली मिस्त्री के टाटा ट्रस्ट्स के अध्यक्ष बनने की संभावना लगभग समाप्त हो गई है। मिस्त्री को टाटा समूह के स्वर्गीय अध्यक्ष एमेरिटस, रतन टाटा का करीबी विश्वासपात्र माना जाता था। रतन टाटा के निधन के बाद, भारत की कोरपोरेट दुनिया और सत्ता के गलियारों में यह अफवाह जोरों पर थी कि मेहली मिस्त्री टाटा ट्रस्ट्स के प्रमुख बनने जा रहे हैं। मेहली मिस्त्री, टाटा समूह के पूर्व अध्यक्ष, स्वर्गीय साइरस मिस्त्री की मौसी के पुत्र हैं। यानी दोनों चचेरे भाई हैं। मेहरजी पल्लोनजी ग्रुप के निदेशक, मेहली मिस्त्री को नवंबर 2022 में सर रतन टाटा ट्रस्ट, इसके सहयोगी टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट के गैर-कार्यकारी ट्रस्टी के रूप में नियुक्त किया गया था। वे दिन थे जब रतन टाटा का टाटा ट्रस्ट्स में दबदबा था।

    यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि 2016 में साइरस मिस्त्री को टाटा संस के अध्यक्ष पद से हटाने के समय मेहली मिस्त्री रतन टाटा का पूरी तरह से साथ दे रहे थे। रतन टाटा और साइरस मिस्त्री के बीच हुए कटु विवाद ने मीडिया का खूब ध्यान खींचा था। रतन टाटा और साइरस मिस्त्री के बीच हुए इस विवाद के दौरान मेहली मिस्त्री का नाम बार-बार सामने आते रहा था। कुछ जानकारों का कहना था कि मेहली मिस्त्री ने कथित रूप से साइरस मिस्त्री को टाटा हाउस से हटाने के लिए पर्दे के पीछे काम किया था।

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    टाटा समूह के जानकारों का कहना है कि हाल के वर्षों में ट्रस्ट्स में मेहली मिस्त्री की भूमिका काफी बढ़ गई थी। इसलिए, टाटा ट्रस्ट्स का प्रमुख बनने के लिए उनका नाम चर्चा में था।

    टाटा ट्रस्ट्स का नेतृत्व करने के लिए सबसे आगे होने के बावजूद, मेहली मिस्त्री टाटा ट्रस्ट्स का प्रमुख नहीं बन पाए। कहा जाता है कि नोएल टाटा को सर्वसम्मति से शीर्ष पद पर नियुक्त किया गया है। नोएल टाटा की एक सफल और गैर-विवादास्पद व्यवसायी के रूप में प्रतिष्ठा ने टाटा ट्रस्ट्स के प्रमुख के रूप में उनके चयन में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने टाटा इंटरनेशनल में अपना करियर शुरू किया था। वे जून 1999 में, टाटाव समूह समूह की खुदरा शाखा ट्रेंट के प्रबंध निदेशक बने, जिसकी स्थापना उनकी माँ सिमोन टाटा ने की थी। इस समय तक, ट्रेंट ने डिपार्टमेंटल स्टोर लिटिलवुड्स इंटरनेशनल का अधिग्रहण कर लिया था और इसका नाम बदलकर वेस्टसाइड कर दिया था। उन्होंने वेस्टसाइड को विकसित किया, इसे एक लाभदायक उपक्रम बनाया। 2003 में, उन्हें टाइटन इंडस्ट्रीज और वोल्तास का निदेशक नियुक्त किया गया।

    दूसरी ओर, मेहली मिस्त्री व्यावसायिक सौदों में कुछ गंभीर आरोपों का सामना कर रहे थे। एक प्रमुख विवाद मेहली मिस्त्री के टाटा पावर के साथ व्यावसायिक सौदों से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाए गए थे कि उनकी कंपनी को टाटा पावर द्वारा उचित निविदा प्रक्रिया के बिना आकर्षक दीर्घकालिक अनुबंध दिए गए थे। हालांकि, मेहली मिस्त्री ने इन आरोपों का हमेशा खंडन किया है।यहां तक कि टाटा संस ने भी इस आरोप का खंडन किया है कि मेहली मिस्त्री और उनके सहयोगियों को प्रतिस्पर्धी बोली के बिना टाटा पावर द्वारा दिए गए अनुबंधों से लाभ हुआ।मेहली मिस्त्री मेहरजी पल्लोनजी ग्रुप के निदेशक रहे हैं।

    इस बीच, मेहली मिस्त्री कहते रहे हैं कि उन पर लगाया गया आरोप कि वह साइरस मिस्त्री को टाटा संस के प्रमुख पद से हटाने के पीछे थे, असत्य है। मेहली मिस्त्री ने साइरस मिस्त्री को कमजोर लीडर तक कहा था। यह टिप्पणी मेहली और साइरस के बीच अदावत को दर्शाती है।

    बता दें कि साइरस मिस्त्री का परिवार, अपनी होल्डिंग कंपनी शापूरजी पल्लोनजी के माध्यम से, टाटा संस में 18.37% हिस्सेदारी रखता है, जो उन्हें टाटा ट्रस्ट्स के बाद दूसरा सबसे बड़ा शेयरधारक बनाता है। खैर, मेहली मिस्त्री और साइरस मिस्त्री के बीच का झगड़ा सिर्फ एक निजी विवाद नहीं था, बल्कि एक सार्वजनिक और कानूनी लड़ाई थी जो टाटा समूह के भीतर सामने आई थी, जिसके परिणामस्वरूप वर्षों तक मुकदमेबाजी हुई। मेहली खुलकर रतन टाटा का साथ देते रहे थे।

    क्या उस विवाद में मेहली मिस्त्री की कथित भूमिका के चलते उन्हें टाटा ट्रस्ट्स को नेतृत्व करने का मौका नहीं मिला? यह सवाल अभी बना हुआ है। उस विवाद के कारण मेहली मिस्त्री और साइरस मिस्त्री के परिवारों में दूरियां भी बढ़ी थीं।

    अब जब नोएल टाटा टाटा ट्रस्ट्स का नेतृत्व कर रहे हैं, तो टाटा-मिस्त्री परिवार के भीतर सुलह के एक नए अध्याय की शुरुआत होने की उम्मीद है। इस बीच, यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि नोएल टाटा के सक्षम नेतृत्व के चलते टाटा और मिस्त्री परिवार के बीच संबंध सुधरने लगेंगे। नोएल टाटा की शादी स्वर्गीय पल्लोनजी मिस्त्री की बेटी और स्वर्गीय साइरस मिस्त्री की बहन अलू मिस्त्री से हुई है। इनके तीन बच्चे हैं: बेटियां लीया और माया, और बेटा नेविल।

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    एक बात और। टाटा समूह में मेहली मिस्त्री की भविष्य की भूमिका पर सवालिया निशान है, बावजूद इसके कि रतन टाटा के साथ उनके गहरे संबंध थे। टाटा समूह के जानकारों का कहना है कि हालांकि यह सच है कि मेहली मिस्त्री रतन टाटा के बहुत करीब थे, लेकिन वे निश्चित रूप से टाटा ट्रस्ट्स का नेतृत्व करने की क्षमताएं नहीं रखते। अगर उन्हें टाटा ट्रस्ट्स का प्रमुख बनाया जाता, तो इससे एक बहुत बुरा नकारात्मक संदेश जाता कि टाटा समूह ने साइरस मिस्त्री के खिलाफ कथित षडयंत्र रचने वाले शख्स को अहम जिम्मेदारी दे दी। इसके अलावा, मेहली की नियुक्ति से टाटा समूह से मिस्त्री परिवार और दूरियां बना लेता। यह एक सर्वविदित तथ्य है कि साइरस मिस्त्री का परिवार टाटा समूह कंपनियों में एक प्रमुख हितधारक है। कोई भी बिजनेस घराना अपने बहुत बड़े अंशधारक की अनदेखी नहीं कर सकता।

    बहरहाल, टाटा समूह नोएल टाटा के नेतृत्व में आगे बढ़ते हुए राष्ट्र निर्माण में अपना खास रोल निभाता रहेगा।

     

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    Vivek Shukla
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