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    राजस्थान पर्यटन अब एक जीवंत अनुभव बन चुका है
    टूरिज्म

    राजस्थान पर्यटन अब एक जीवंत अनुभव बन चुका है

    NM Media SolutionsBy NM Media SolutionsOctober 8, 2025Updated:October 8, 2025No Comments4 Mins Read
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    अरशिया परवीन

    राजस्थान केवल इतिहास नहीं, एक जीवंत अनुभव है। यहां की रेत में शौर्य की खुशबू है, और संस्कृति में आधुनिकता की चमक। हमारा लक्ष्य इस आत्मा को दुनिया तक पहुंचाना है। यह कहना है राजस्थान पर्यटन आयुक्त रूकमणि रियाड़ का, जिनकी अगुवाई में राजस्थान ने पर्यटन के हर आयाम में नए मानक गढ़ रहा है।

    उनका कहना है कि राजस्थान आज पर्यटन के उस स्वर्ण युग में प्रवेश कर चुका है, जहां परंपरा और परिवर्तन एक साथ आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ऐसी नीतियां और पहलें लागू की हैं, जिनसे राजस्थान न केवल भारत, बल्कि वैश्विक पर्यटन के मानचित्र पर अग्रणी स्थान हासिल कर रहा है।

    सिनेमा से संस्कृति तक : राजस्थान की नई छविः पर्यटन आयुक्त रियाड़ बताती हैं कि मार्च 2025 में जयपुर में आयोजित आईफा अवार्डस ने राजस्थान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर असाधारण पहचान दी। इस आयोजन ने सिनेमा, संस्कृति और पर्यटन को एक सूत्र में पिरो दिया। यह हमारे राज्य की नई पहचान का प्रतीक बना।
    Rukmani-Riyad

    इसके बाद सरकार ने राजस्थान पर्यटन यूनिट पॉलिसी 2024 लागू की यह एक ऐसी दूरदर्शी नीति है जिसने निजी निवेश और रोजगार सृजन के नए द्वार खोले। रियाड़ के अनुसार, “अब तक ₹1.37 लाख करोड़ के 1,600 से अधिक एमओयू साइन हो चुके हैं। इनमें हेरिटेज होटल, वेलनेस सेंटर, ईको-टूरिज्म प्रोजेक्ट्स और नवाचार आधारित इकाइयां शामिल हैं। यह न केवल निवेश का आंकड़ा है, बल्कि राजस्थान की नई संभावनाओं की कहानी है।”

    संस्कृति को जीने का अनुभव : रियाड़ का मानना है कि आज का पर्यटक केवल स्मारक देखने नहीं आता, बल्कि संस्कृति को महसूस करना चाहता है।उनका मानना है कि राजस्थान का पर्यटन विभाग राजस्थान की आत्मा को ‘लिविंग हेरिटेज’ के रूप में पुनर्परिभाषित कर रहा है। इसी सोच के तहत कल्चरल डायरीज कार्यक्रम और दिल्ली के सेंट्रल विस्टा में राजस्थानी फूड कियोस्क जैसी पहलें शुरू की गई हैं, जो राज्य की कला, खानपान और लोक-संस्कृति को जीवंत करती हैं। साथ ही, रामसर साइट्स, रणथंभौर, सरिस्का और घना पक्षी विहार जैसे स्थलों के आसपास ईको-टूरिज्म सर्किट तैयार किए जा रहे हैं। ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में होमस्टे मॉडल और विलेज एक्सपीरियंस टूरिज्म को बढ़ावा दिया गया है, ताकि स्थानीय समुदाय पर्यटन का अभिन्न हिस्सा बने। पर्यटन आयुक्त का कहना है कि राजस्थान का हर गांव, हर कलाकार और हर लोक कथा इस पर्यटन यात्रा का हिस्सा बने इसीलिए ट्राइबल सर्किट, डेजर्ट सफारी और लोक कलाकारों के प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए गए हैं।

    सस्टेनेबिलिटी : नीति नहीं, मूल विचारधारा : रियाड़ स्पष्ट करती हैं, “सस्टेनेबिलिटी हमारे लिए नारा नहीं, नीति का आधार है।” राज्य सरकार ने ₹5,000 करोड़ का विशेष बजट विरासत संरक्षण और पर्यावरण-अनुकूल परियोजनाओं के लिए निर्धारित किया है। सस्टेनेबल टूरिज्म के लिए प्रतिबद्धता पर्यटन विभाग के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम इंडियन रेस्पास्बिल टूरिज्म स्टेट समिट व अवार्ड समारोह से परिलक्षित होती है, जहां रेस्पॉस्बिल टूरिज्म के क्षेत्र में काम करने वाली 17 संस्थाओं को सम्मानित किया गया।

    उनका कहनना है कि पर्यटन का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे इसलिए लोक कलाकारों, युवाओं और कारीगरों को प्रशिक्षित कर हम पर्यटन को समुदाय-केंद्रित बना रहे हैं। विभाग की के प्रयास हैं कि यहां हर टूरिस्ट के लिए जो भी एक्सपीरियेंस हो वो हर व्यक्ति की जिम्मेदारी हो। पर्यटन आयुक्त कहती है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर राजस्थान को अब रॉयल एंड रिस्पॉन्सिबल एक्सपीरियेंस ऑफ इंडिया को रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है जैसा कि आईटीबी बर्लिन -2025 में राजस्थान को डेस्टिनेशन ऑफ द ईयर- रॉयल एक्सपीरियेंस आवार्ड मिलना इसकी पुष्टि करता है। वे कहती हैं कि राजस्थान ने द ग्रेट इंडियन ट्रेवल बाज़ार ( जीआईटीबी) राजस्थान डॉमेस्टिक ट्रेवल मार्ट जैसे आयोजनों के ज़रिए अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर स्टेकहोल्डर्स के साथ अपनी साख को और अधिक मजबूत किया है।

    नए पर्यटन स्थलों का विकासः पर्यटन आयुक्त रियाड़ के अनुसार राजस्थान की खूबसूरती सिर्फ जयपुर, जोधपुर या उदयपुर तक सीमित नहीं है। अब शेखावाटी, बूंदी, बाड़मेर, झालावाड़ और डूंगरपुर जैसे क्षेत्रों को अंतरराष्ट्रीय सर्किट में शामिल किय जा रहा है। शेखावाटी की हवेलियों के पुनरोद्धार से लेकर बूंदी की बावड़ियों और बाड़मेर की लोक कलाओं तक, हर क्षेत्र को उसकी विशिष्ट पहचान के साथ पेश किया जा रहा है।

    #diya kumari #Rajasthan Tourism Rukmani Riyad
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