जयपुर। भारत, जिसे प्राचीन काल से खगोल विज्ञान का विश्वगुरु माना गया है, अपनी इस अमूल्य परंपरा को आधुनिक अंतरिक्ष युग से जोड़ते हुए एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने जा रहा है। आगामी 23 अगस्त 2025 को राजस्थान पर्यटन विभाग के सहयोग से स्पेस इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में जयपुर स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल जंतर मंतर पर राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस का भव्य आयोजन होगा। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी।
पर्यटन विभाग की आयुक्त रुक्मणि रियाड़ के अनुसार यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मन की बात में व्यक्त विज़न और राजस्थान की उपमुख्यमंत्री व पर्यटन मंत्री दिया कुमारी के मार्गदर्शन में हो रहा है, जिनकी मंशा राजस्थान को एस्ट्रोटूरिज्म के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की है। पर्यटन आयुक्त ने इस कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह आयोजन भारत की वैज्ञानिक धरोहर को नई ऊर्जा देगा और राजस्थान को एस्ट्रोटूरिज्म की दिशा में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करेगा। विद्यार्थियों, पर्यटकों और शोधकर्ताओं के लिए यह कार्यक्रम न केवल ज्ञानवर्धक होगा बल्कि प्रेरणा और गर्व का भी प्रतीक बनेगा।
स्पेस इंडिया के संस्थापक व सीएमडी डॉ. सचिन भांभा के अनुसार नेशनल स्पेस डे की वर्ष की थीम है प्राचीन आकाश से अंतरिक्ष युग तक। दिनभर चलने वाले इस आयोजन में विज्ञान, संस्कृति और अंतरिक्ष का अद्भुत संगम होगा। उन्होंने बताया की इस अवसर पर, पहली बार जंतर मंतर के प्राचीन यंत्रों का उपयोग लाइव खगोलीय अवलोकन के लिए किया जाएगा। यह आयोजन भारत की महान खगोल विद्या और आधुनिक अंतरिक्ष उपलब्धियों चंद्रयान से लेकर गगनयान तक को एक सूत्र में पिरोकर दुनिया के सामने भारत की अनूठी पहचान प्रस्तुत करेगा। राजस्थान से इसरो में अपनी सेवाएं देने वाले वैज्ञानिक भी खगोल विज्ञान के बारे में जानकारियां देंगे।
कार्यक्रम में उद्घाटन सत्र के दौरान दीप प्रज्ज्वलन और जंतर मंतर से चंद्रयान तक विषय पर विशेष व्याख्यान होगा साथ ही इंटरैक्टिव साइंस जोन के तहत सुरक्षित सूर्यावलोकन, सौरमंडल वॉक मॉडल, स्पेस क्विज,वॉटर रॉकेट लॉन्च और बच्चों के लिए स्पेस थीम आर्ट एवं क्राफ्ट आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। वहीं इसी दिन स्पेस अवेयरनेस एग्ज़ीबिशन, भारत में अंतरिक्ष अन्वेषण का भविष्य विषय पर वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों के विचार भी व्यक्त किए जाएंगे। रात को टेलिस्कोप से चंद्रमा, शनि, बृहस्पति, गैलेक्सी और तारामंडल का लाइव अवलोकन करवाया जाएगा।