नई दिल्ली। राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए आरईसी लिमिटेड को वर्ष 2025-26 का प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया है। यह सम्मान विद्युत मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की बैठक के दौरान दिया गया। केंद्रीय विद्युत एवं आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने आरईसी के सीएमडी जितेन्द्र श्रीवास्तव, आईएएस, को यह पुरस्कार प्रदान किया। कार्यक्रम में विद्युत एवं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक, उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा, लोकसभा सांसद सुरेश कुमार कश्यप तथा विद्युत मंत्रालय के सचिव पंकज अग्रवाल सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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आरईसी ने यह पुरस्कार विद्युत क्षेत्र के केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों, अधीनस्थ कार्यालयों और मंत्रालय से संबद्ध संगठनों के बीच राजभाषा नीति के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए हासिल किया है। कंपनी की ओर से हिंदी में कामकाज को बढ़ावा देने, राजभाषा नीति के प्रावधानों के अनुपालन और विभिन्न हिंदी संबंधी पहलों को प्रभावी ढंग से लागू करने के प्रयासों को इस सम्मान का आधार माना गया। आरईसी के अनुसार, यह उपलब्धि संगठन के अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। कंपनी लंबे समय से अपने कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग और राजभाषा नीति के प्रभावी अनुपालन पर जोर देती रही है। पुरस्कार को आरईसी के लिए राजभाषा हिंदी के प्रति उसकी प्रतिबद्धता की राष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता के रूप में देखा जा रहा है। कंपनी का कहना है कि यह सम्मान अधिकारियों और कर्मचारियों को हिंदी में कामकाज को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रेरित करेगा।