नई दिल्ली। भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 के तीसरे दिन बिजली क्षेत्र को लेकर एक अहम् पहल सामने आयी। ‘पावर डिस्ट्रीब्यूशन के लिए मेक इन इंडिया को आगे बढ़ाना’ विषय पर आधारित एक हाई-लेवल वेंडर डेवलपमेंट सेशन सफलतापूर्वक हुआ। इस सत्र का आयोजन आरईसी लिमिटेड और पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन ने मिलकर किया। जिसमें विद्युत मंत्रालय, मिनिस्ट्री ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी, बड़ी डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटीज़, इंडियन इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन, ओईएम, वेंडर्स, सप्लायर्स और इंडस्ट्री एसोसिएशन्स के 150 से ज़्यादा सीनियर रिप्रेजेंटेटिव शामिल हुए। केपीएमजी ने सेशन के लिए नॉलेज पार्टनर के तौर पर काम किया। सेशन की…
Author: Shivani Srviastava
विख्यात इतिहासकार डॉ सय्यद मुबीन ज़ेहरा को 18वीं शताब्दी की विश्व प्रसिद्ध रामपुर रज़ा लाइब्रेरी की प्रकाशन सलाहकार समिति का सदस्य नामित किया गया है। डॉ ज़ेहरा दिल्ली विश्विद्यालय के आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज के इतिहास विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर हैं। पुस्तकालय की अध्यक्षा, उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल की अध्यक्षता में संपन्न रामपुर रज़ा पुस्तकालय बोर्ड की 53वीं बैठक में डॉ सय्यद मुबीन ज़ेहरा को प्रकाशन सलाहकार समिति का सदस्य नामित किया गया। रामपुर रज़ा लाइब्रेरी एण्ड म्यूज्यिम के निदेशक डॉ० पुष्कर मिश्र ने डॉ सय्यद मुबीन ज़ेहरा को एक पत्र के माध्यम से बधाई देते हुए यह…
हर्षिता एडवोकेट, सुप्रीम कोर्ट भारतीय संसदीय लोकतंत्र के गौरवशाली इतिहास में अविश्वास प्रस्ताव को सदैव एक अत्यंत गंभीर और उत्तरदायी संवैधानिक माध्यम माना गया है। यह वह अवसर होता है जब विपक्ष अपनी वैकल्पिक नीतियों और ठोस तर्कों के साथ सरकार को कटघरे में खड़ा करता है। किंतु, लोकसभा अध्यक्ष के विरुद्ध कांग्रेस द्वारा लाया गया हालिया अविश्वास प्रस्ताव राजनीतिक परिपक्वता के बजाय वैचारिक शून्यता और रणनीतिक दिवालियापन का प्रदर्शन अधिक प्रतीत हुआ। करीब बारह घंटे की मैराथन बहस में विपक्षी नेताओं ने अपनी पूरी शक्ति झोंक दी और सरकार पर अनर्गल आरोप मढ़े, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम की सबसे…
यदि किसी ने भारत को उसकी संपूर्ण विविधता, त्योहारों, सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों और कलात्मक रूपों सहित ‘संस्कृति-अनुकूल इस्लाम’ के परिप्रेक्ष्य से समझने का प्रयास किया, तो वे सूफी संत थे, जो मुख्यतः मध्य एशिया और अरब के कुछ हिस्सों से आए थे। उल्लेखनीय रूप से, इन अरब विद्वानों और फारसी संतों ने भारत में इस्लाम का ‘अरबीकरण’ करने का प्रयास नहीं किया, जैसा कि आज इस्लाम के स्वघोषित संरक्षक करने पर तुले हुए हैं। जहां दिल्ली के प्रसिद्ध सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया और उनके सबसे करीबी शिष्य अमीर खुसरो ने अपनी खानकाह या दरगाह (जिसे दरगाह…
बर्लिन/जयपुर। दुनिया के सबसे बड़े ट्रैवल ट्रेड फेयर आईटीबी बर्लिन 2026 में राजस्थान ने इस बार अपनी ऐतिहासिक धरोहर को एक अनोखे नजरिये से वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया। तीन दिवसीय आयोजन के दौरान राजस्थान पर्यटन ने यूरोप के टूर ऑपरेटरों और उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद में राजस्थान के ऐतिहासिक किलों और जर्मनी के मध्यकालीन महलों के बीच स्थापत्य और सामरिक समानताओं को रेखांकित करते हुए सांस्कृतिक विरासत की साझा कहानी सामने रखी। इस प्रस्तुति का मुख्य विचार यह रहा कि भौगोलिक और प्राकृतिक परिस्थितियों में भले ही राजस्थान और जर्मनी अलग दिखाई देते हों, क्योंकि एक ओर मरुस्थल…
नई दिल्ली। आरईसी लिमिटेड ने अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) पहल के तहत बिहार के सहरसा में शंकर आई हॉस्पिटल के लिए क्लिनिकल और नॉन-क्लिनिकल इक्विपमेंट की खरीद के लिए ₹11.56 करोड़ देने की प्रतिबद्धता जताई है। इस परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना और बेहतर नेत्र उपचार सेवाओं की पहुंच बढ़ाना है। 9 मार्च, 2026 को स्कोप कॉम्प्लेक्स स्थित आरईसी लिमिटेड कार्यालय में प्रदीप फैलो, कार्यकारी निदेशक (सीएसआर), आरईसी लिमिटेड और शंकर नेत्र अस्पताल के ट्रस्टी और कार्यकारी निदेशक विंग कमांडर वी. शंकर (सेवानिवृत्त) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल…
जयपुर। विश्व के सबसे बड़े पर्यटन व्यापार मेले आईटीबी बर्लिन-2026 का शुभारम्भ मंगलवार को जर्मनी की राजधानी बर्लिन में हुआ। इस अवसर पर राजस्थान पर्यटन विभाग के भव्य पवेलियन का उद्घाटन भारत सरकार के केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत तथा जर्मनी में भारत के राजदूत अजीत विनायक गुप्ते ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया। उद्घाटन समारोह में राजस्थान पर्यटन विभाग की आयुक्त रूकमणी रियाड़, अतिरिक्त निदेशक पवन कुमार जैन एवं संयुक्त निदेशक डॉ. पुनीता सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों, टूर संचालकों एवं आगंतुकों का आत्मीय स्वागत किया। राजस्थान मंडप अपनी सांस्कृतिक भव्यता, पारंपरिक स्थापत्य शैली और…
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पर्यटन क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए ‘राजस्थान होमस्टे (पेईंग गेस्ट हाउस) योजना–2026’ लागू कर दी है। इस योजना के तहत अब एक आवासीय इकाई में अधिकतम 8 कमरे कमरे और 24 बेड की अनुमति दी गई है। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के विजन के अनुसार राजस्थान सरकार की होमस्टे योजना 2026 पर्यटन-विकास, ग्रामीण आय-वृद्धि और स्वरोज़गार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इस योजना के तहत राज्य में ‘ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ की अवधारणा को जमीनी स्तर पर उतारते हुए राज्य सरकार…