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    पर्यटन और सिनेमा के जरिए राजस्थान की अंतरराष्ट्रीय पहचान
    टूरिज्म

    पर्यटन और सिनेमा के जरिए राजस्थान की अंतरराष्ट्रीय पहचान

    NM Media SolutionsBy NM Media SolutionsDecember 26, 2025No Comments5 Mins Read
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    ब्यूरो रिपोर्ट ⇒ जयपुर।

    राजस्थान सरकार ने पर्यटन और रचनात्मक अर्थव्यवस्था को राज्य के विकास का केंद्रीय आधार बनाते हुए एक साथ दो दूरगामी नीतिगत पहलें की हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी के साझा विज़न के तहत नई राजस्थान पर्यटन नीति–2025 और राजस्थान फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति–2025 को लागू कर दिया गया है। इन दोनों नीतियों को अलग–अलग घोषणाओं के बजाय एक संयुक्त रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य राजस्थान को केवल ऐतिहासिक विरासत के लिए नहीं, बल्कि आधुनिक, अनुभव–आधारित और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का मानना है कि राजस्थान की पहचान उसकी सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक किले–महलों, मरुस्थलीय विस्तार और प्राकृतिक विविधता से बनी है, जिसे अब वैश्विक मंच पर नए संदर्भों में प्रस्तुत करने की आवश्यकता है। इसी सोच से प्रेरित होकर राजस्थान फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति–2025 लाई गई है, जिसके माध्यम से राज्य को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। सरकार का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि पर्यटन, निवेश और रोजगार सृजन का प्रभावी उपकरण भी है।

    Bhajan-Lal-Sharma

    नई फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति के तहत राजस्थान में फीचर फिल्म, वेब सीरीज़, टीवी सीरियल और डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग पर किए गए व्यय पर अधिकतम 30 प्रतिशत तक सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है। व्यापक स्क्रीन–टाइम, राज्य में न्यूनतम शूटिंग दिवस और पूरी शूटिंग राजस्थान में होने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन जैसी व्यवस्थाएँ इस नीति को फिल्म निर्माताओं के लिए विशेष रूप से आकर्षक बनाती हैं। इसके साथ ही, राज्य और केंद्र सरकार के नियंत्रण वाली शूटिंग लोकेशन्स पर अनुमति शुल्क की शत–प्रतिशत रिएम्बर्समेंट से यह संदेश दिया गया है कि राजस्थान फिल्म उद्योग के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को गंभीरता से लागू कर रहा है।

    उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के अनुसार, फिल्म नीति का उद्देश्य केवल सब्सिडी देना नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद और पारदर्शी फिल्म इकोसिस्टम विकसित करना है। इसी दिशा में एक समर्पित ऑनलाइन फिल्म पोर्टल और राजस्थान फिल्म डायरेक्टरी विकसित की जाएगी, जिसमें शूटिंग लोकेशन्स से लेकर कलाकारों, तकनीशियनों और लाइन प्रोड्यूसर्स तक की जानकारी उपलब्ध होगी। साथ ही, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फिल्मों को विशेष प्रोत्साहन देकर राजस्थान को वैश्विक सिनेमा मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करने की योजना है। राज्य के युवाओं के लिए एफटीआईआई, एसआरएफटीआई और एनएसडी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्ययन हेतु छात्रवृत्ति का प्रावधान भी इस नीति का अहम हिस्सा है, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जा सके।

    Diya Kumari
    दिया कुमारी, उपमुख्यमंत्री , राजस्थान

    फिल्म पर्यटन नीति के समानांतर लागू की गई नई राजस्थान पर्यटन नीति–2025 राज्य सरकार की व्यापक और दीर्घकालिक पर्यटन सोच को दर्शाती है। प्रवासी दिवस के अवसर पर जारी इस नीति को लेकर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य राजस्थान को विश्व के सबसे सुरक्षित, आधुनिक और पर्यटक–अनुकूल राज्यों की श्रेणी में लाना है। यह नीति केवल एक नीतिगत दस्तावेज़ नहीं, बल्कि पर्यटन विकास का समग्र रोडमैप है, जो बदलते वैश्विक ट्रैवल ट्रेंड्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

    नई पर्यटन नीति में पर्यटन को पारंपरिक किले–महलों और दर्शनीय स्थलों तक सीमित न रखते हुए धार्मिक, सांस्कृतिक, एडवेंचर, वेलनेस, एस्ट्रो और ईको–टूरिज़्म जैसे नए क्षेत्रों को प्रमुखता दी गई है। कृष्ण गमन पथ और बृज–द्वारका तीर्थ मार्ग जैसे धार्मिक सर्किट, वन्यजीव और प्रकृति–आधारित पर्यटन हब तथा स्पेशल टूरिज़्म ज़ोन के माध्यम से पर्यटन को राज्य के दूरस्थ जिलों तक पहुँचाने की रणनीति तय की गई है। इससे पर्यटन का लाभ केवल चुनिंदा शहरों तक सीमित न रहकर व्यापक क्षेत्र में फैल सकेगा।

    डिजिटल और तकनीकी नवाचार नई पर्यटन नीति का एक अहम स्तंभ हैं। ऐतिहासिक स्मारकों का थ्री–डी लेज़र स्कैन, वर्चुअल रियलिटी आधारित अनुभव, डिजिटल म्यूज़ियम और आधुनिक लाइट–एंड–साउंड शो के माध्यम से राजस्थान अपनी विरासत को नए युग के पर्यटकों के सामने प्रस्तुत करेगा। पर्यटकों की सुविधा के लिए नया पर्यटन वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप, चैटबॉट, डिजिटल मैप और गाइडबुक विकसित किए जा रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को सहज और विश्वसनीय जानकारी मिल सके।

    जिला स्तर पर पर्यटन प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए प्रत्येक जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला पर्यटन विकास समितियाँ गठित की जाएँगी, जो डेस्टिनेशन मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन के रूप में कार्य करेंगी। इससे स्थानीय सहभागिता बढ़ेगी, भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा और सस्टेनेबल टूरिज़्म को वास्तविक आधार मिलेगा। पर्यटक सुरक्षा के लिए 24×7 टूरिज़्म कॉल सेंटर, टूरिस्ट असिस्टेंस फोर्स, पैनिक बटन और डिजिटल फीडबैक सिस्टम जैसी व्यवस्थाएँ भी नीति में शामिल हैं।

    पर्यटक सुविधा और कनेक्टिविटी को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। प्रमुख पर्यटन शहरों में हॉप–ऑन हॉप–ऑफ बस सेवाएँ, प्रीपेड टैक्सी बूथ, ई–वाहन, रेंटल साइकिल और एकीकृत राजस्थान ट्रैवल कार्ड जैसी सुविधाएँ प्रस्तावित हैं। पीपीपी मॉडल के माध्यम से पर्यटन निवेश को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने की रणनीति भी इस नीति का हिस्सा है।

    पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार, नई पर्यटन नीति और नई फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति एक–दूसरे की पूरक हैं। जहाँ फिल्म नीति राजस्थान की लोकेशन्स और संस्कृति को वैश्विक स्क्रीन पर पहचान दिलाएगी, वहीं पर्यटन नीति उस पहचान को वास्तविक यात्रा, अनुभव और दीर्घकालिक पर्यटन प्रवाह में बदलने का आधार बनेगी। यह समन्वित दृष्टिकोण राजस्थान को केवल अतीत की विरासत का राज्य नहीं, बल्कि भविष्य के अनुभवों और रचनात्मक अर्थव्यवस्था का केंद्र बनाने की दिशा में ले जा रहा है।

    कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के नेतृत्व में लागू की गई ये दोनों नीतियाँ राजस्थान को वैश्विक पर्यटन और सिनेमा के मानचित्र पर एक नई, आधुनिक और आत्मविश्वासी पहचान दिलाने की ठोस पहल के रूप में देखी जा रही हैं। राजस्थान अब इतिहास को संजोते हुए भविष्य की ओर बढ़ रहा है एक ऐसे पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित होगा जहां संस्कृति, सिनेमा और अनुभव एक–दूसरे में घुलकर नई कहानी रचते हैं।

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